भोपाल में शराब ठेकों की कीमतों में ₹239 करोड़ की बढ़ोतरी, 87 दुकानों का कुल टारगेट ₹1432 करोड़

भोपाल
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नई आबकारी नीति के तहत शराब ठेकों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि तय मानी जा रही है। सरकार ने 87 दुकानों के लिए इस बार ₹1432 करोड़ का आरक्षित मूल्य निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब ₹239 करोड़ अधिक है। पहले चरण में 2 मार्च को 29 दुकानों की ई-टेंडर नीलामी होगी। यह निर्णय सरकारी राजस्व बढ़ाने और लाइसेंस आवंटन प्रक्रिया को प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

आबकारी विभाग के अनुसार नीलामी प्रक्रिया 2 मार्च को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक ऑनलाइन टेंडर जमा करने के साथ शुरू होगी। उसी दिन शाम 6 बजे जिला समिति की उपस्थिति में तकनीकी और वित्तीय बोली खोली जाएगी। नई व्यवस्था में सभी दुकानों को छोटे-छोटे समूहों में बांटकर ई-टेंडर के जरिए आवंटन किया जा रहा है, ताकि अधिक बोलीदाता शामिल हो सकें।

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भोपाल की कुल 87 दुकानों को 20 समूहों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में सात समूहों की 29 दुकानों के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। इनमें बागसेवनिया, हबीबगंज फाटक, भानपुर चौराहा, स्टेशन बजरिया, खजूरीकलां, जहांगीराबाद और गुनगा समूह शामिल हैं। प्रशासन का अनुमान है कि नई संरचना से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और राजस्व में उल्लेखनीय इजाफा होगा।

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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक आरक्षित मूल्य में औसतन 20 प्रतिशत वृद्धि की गई है। पिछले वित्तीय वर्ष में आरक्षित मूल्य ₹1073 करोड़ था, जबकि अंतिम बोली ₹1139 करोड़ तक पहुंची थी। इस बार बढ़े हुए आधार मूल्य के कारण ही शुरुआती अनुमान में ही राजस्व बढ़ोतरी दिख रही है। सबसे महंगा समूह पिपलानी बताया जा रहा है, जहां चार दुकानों का संयुक्त मूल्य 127 करोड़ रुपए से अधिक निर्धारित हुआ है।

राज्य सरकार लंबे समय से आबकारी राजस्व बढ़ाने और लाइसेंस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर देती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे समूहों में विभाजन से नए निवेशकों को अवसर मिलेगा और स्थानीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। हालांकि, कुछ व्यापारिक संगठनों का कहना है कि उच्च आरक्षित मूल्य छोटे कारोबारियों के लिए चुनौती बन सकता है।

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आबकारी विभाग का दावा है कि नई नीति से सरकारी खजाने में कम से कम ₹238 करोड़ अतिरिक्त आय होगी, जबकि अंतिम नीलामी के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। सरकार इसे राजस्व सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है। आने वाले दिनों में शेष समूहों की नीलामी की तिथियां भी घोषित की जाएंगी।

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